- बंदगांव के लुंबई मोड़ जुडीहासा में धूमधाम से करम पूजा महोत्सव का आयोजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए आयोजित
बंदगांव (जय कुमार): प्रखंड के लुंबई मोड़ जुडीहासा बंदगांव में बुधवार को प्रखंड स्तरीय भादो एकादशी करमा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। जुडीहासा में सरना धर्म सोटो: समिति शाखा लुंबई की ओर से धर्मगुरु करम हेम्ब्रम ने सुबह 9 बजे करमा अखाड़ा में आरजी गोवारी कर पूजा संपन्न कराई। सुबह 10 बजे से समूह नृत्य शुरू हुआ जो देर रात तक जारी रहा।
इस दौरान दिन भर समूह नृत्य चलता रहा जो शाम को संपन्न हुआ। सभी नृत्य स्थलों पर भोजन की भी व्यवस्था की गई थी। लुंबई मोड़ जुडीहासा में सरना धर्म सोटो; समिति शाखा लुंबई की ओर से करम पूजा का भी आयोजन किया गया।
इस अवसर पर आदिवासी संस्कृति से जुड़े करमा महोत्सव के गीतों पर देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बलराम हेम्ब्रम ने कहा कि यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम और झारखंड की समृद्ध संस्कृति और सभ्यता का प्रतीक है।
यह पर्व झारखंड के लोगों का प्राचीन और पारंपरिक पर्व है। जिसमें झारखंड के लोग धान की रोपाई पूरी होने के बाद प्रकृति की पूजा करते हैं और अच्छी फसल की कामना करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने हम सभी को बहुत कुछ दिया है, इसकी रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि पर्व हम सभी को जोड़ने का काम करते हैं।
इसी तरह अपनी भाषा, संस्कृति, सभ्यता की रक्षा के लिए सभी को आगे आने की जरूरत है। झारखंड के लोगों द्वारा प्रकृति पूजा की यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।
करमू हेम्ब्रम ने कहा कि यह पर्व बहनों द्वारा अपने भाइयों के लिए मनाया जाता है, यह झारखंड का सबसे पुराना पर्व है जो प्रकृति को समर्पित है, इस दिन लोग प्रकृति की पूजा करते हैं और बहनें भी अपने भाइयों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।
इस मौके पर समिति के उपाध्यक्ष गोमेया पाहन, सचिव असरिता मुंडारी, करमु हेम्ब्रम, सोमा हेम्ब्रम, नंदलाल हेम्ब्रम, अविनाश हेम्ब्रम, केदार मुंडू, लादु हस्सा, बलराम हेम्ब्रम, जगरानी हेम्ब्रम, राधिका हेम्ब्रम, गुरुवारी, बेला मुंडारी, मदीराय, जांगला, सुखराम सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।














