जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन की पहल पर साकची में ‘जमशेदपुर हाट–पलाश मार्ट’ का भव्य शुभारंभ किया गया। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने इसका विधिवत उद्घाटन करते हुए इसे स्थानीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों के लिए एक बड़ा अवसर बताया।
स्थानीय उत्पादों के लिए मिलेगा सशक्त मंच
जमशेदपुर हाट–पलाश मार्ट को एक आधुनिक दो मंजिला शोरूम के रूप में विकसित किया गया है, जहां स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री की सुविधा उपलब्ध होगी।
इससे कारीगरों और उद्यमियों को—
- सीधे ग्राहकों से जुड़ने का अवसर
- अपने पारंपरिक उत्पादों को पहचान दिलाने का मंच
- आय बढ़ाने का नया जरिया मिलेगा
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा मजबूती” उपायुक्त
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि इस पहल से—
✔️ स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलेगा
✔️ स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा
✔️ छोटे उद्यमियों की आय में वृद्धि होगी
✔️ जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी
उन्होंने बताया कि यह पहल जीवेदोक अभियान के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य महिलाओं और उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाना है।
महिला समूहों की प्रेरणादायक भागीदारी
कार्यक्रम के दौरान गुमला जिले के महिला विकास मंडल बघिमा, पालकोट की दीदियों ने अपनी आत्मनिर्भरता की कहानी साझा की, जिससे अन्य महिलाओं को भी प्रेरणा मिली।
क्या-क्या मिलेगा ‘पलाश मार्ट’ में?
पलाश मार्ट में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए कई उत्पाद उपलब्ध होंगे—
- हैंडीक्राफ्ट और पाईटकर पेंटिंग
- सेनेट्री उत्पाद
- प्रसंस्कृत खाद्य सामग्री (तेल, मधु आदि)
‘सेरांग’ में पारंपरिक वाद्य यंत्रों की झलक
भूतल के सेरांग सेक्शन में बोड़ाम (अंधारझोर) के पारंपरिक वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन और बिक्री होगी—
- तबला, मांदर, ढोलक
- नगाड़ा, डमरू आदि
दीदी कैफे में मिलेगा पारंपरिक स्वाद
प्रथम तल पर संचालित दीदी कैफे में स्थानीय पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजनों का आनंद लिया जा सकेगा, जहां स्टीम आधारित हेल्दी फूड को बढ़ावा दिया जाएगा।
अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें—
- उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान
- अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम अर्णव मिश्रा
- उप नगर आयुक्त जेएनएसी कृष्णा कुमार
- जिला परिवहन पदाधिकारी धनंजय
- डीपीएम जेएसएलपीएस सुजीत बारी
शामिल थे।
विश्लेषण (Analysis)
‘जमशेदपुर हाट–पलाश मार्ट’ की शुरुआत जिले में लोकल टू ग्लोबल की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह पहल न केवल स्थानीय कारीगरों और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करेगी, बल्कि पारंपरिक कला और उत्पादों को भी नई पहचान दिलाएगी यदि इस मॉडल को निरंतर बढ़ावा मिला, तो जमशेदपुर क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता का नया हब विकसित हो सकता है।











