पटना: राजधानी के एक प्रमुख अस्पताल में 17 जुलाई को कुख्यात गैंगस्टर चंदन मिश्रा की हत्या के बाद बिहार पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करते हुए 6 संदिग्धों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है।
चंदन मिश्रा, जो पैरोल पर जेल से बाहर था, अस्पताल में इलाज करा रहा था। इसी दौरान पांच हथियारबंद अपराधी अस्पताल परिसर में दाखिल हुए और उसे गोलियों से भून डाला। यह वारदात अस्पताल के ICU में हुई और CCTV में कैद हो गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार सभी आरोपियों का संबंध शेरू सिंह गिरोह से है, जो बिहार एवं बंगाल में सक्रिय है। शेरू सिंह वर्तमान में पुरुलिया जेल में बंद है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत पटना लाया जा रहा है, जहां उनसे विस्तार से पूछताछ की जाएगी।
बिहार पुलिस के प्रवक्ता ने कहा, “हम इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था, चूक के पहलू और आपराधिक नेटवर्क की भूमिका की छानबीन की जा रही है।”
घटना के बाद राज्य की राजनीति में भी हलचल मच गई है। कई राजनीतिक नेताओं ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। इस बीच सुरक्षा एजेंसियां बंगाल में भी सक्रिय हैं और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।
पटना पुलिस ने कैसे कार्रवाई की?
घटना के बाद पुलिस और STF ने मिलकर जांच शुरू की। टीम ने पश्चिम बंगाल में छापेमारी की और 6 अपराधियों को गिरफ़्तार कर लिया। ये सभी एक बड़े अपराधी शेरू सिंह गिरोह से जुड़े हैं। शेरू सिंह फिलहाल बंगाल की पुरुलिया जेल में बंद है।
अस्पताल की भूमिका पर सवाल: इतनी बड़ी घटना अस्पताल में कैसे हो गई? इस पर भी जांच हो रही है। अस्पताल की सुरक्षा में चूक बताई जा रही है और सुरक्षा गार्डों से पूछताछ हो रही है।
गरमाई राजनीति
घटना के बाद तेजस्वी यादव ने इसे “सरकारी अपराधियों की करतूत” कहा। वहीं पप्पू यादव ने दावा किया कि उन्हें धमकी भरा फोन आया है और उन्होंने राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग की।
गिरफ़्तार अपराधियों को पटना लाया जा रहा है। कानूनी प्रक्रिया के तहत पूछताछ और कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि वह जल्द ही पूरे मामले का पर्दाफाश कर देगी।
पटना: चंदन मिश्रा हत्याकांड पर अबतक की विस्तृत रिपोर्ट
घटना का विवरण:
17 जुलाई 2025 को पटना के पारस अस्पताल में कुख्यात गैंगस्टर चंदन मिश्रा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह पैरोल पर जेल से बाहर आया था और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती था। पांच हथियारबंद अपराधी अस्पताल के ICU में घुसे और ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। CCTV फुटेज में यह दृश्य कैद हुआ।
पुलिस की कार्रवाई:
- हत्या के बाद पटना पुलिस और STF ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू की।
- पश्चिम बंगाल में छापेमारी कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
- गिरफ्तार किए गए अपराधियों का संबंध शेरू सिंह गिरोह से बताया जा रहा है।
- शेरू सिंह फिलहाल पुरुलिया जेल में बंद है।
जांच की दिशा:
पुलिस सुरक्षा में चूक और अस्पताल प्रशासन की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अस्पताल परिसर में तैनात निजी सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ की गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों की पहचान कर ली है और उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत पटना लाया जा रहा है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: राजद नेता तेजस्वी यादव ने घटना को “सरकारी अपराधियों” की करतूत बताया और बिहार में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। सांसद पप्पू यादव ने दावा किया कि उन्हें धमकी भरा फोन आया और उन्होंने राष्ट्रपति शासन की मांग की।
यह हत्याकांड न सिर्फ पटना की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह दर्शाता है कि संगठित अपराध किस हद तक अस्पताल जैसी सुरक्षित जगहों तक पहुंच चुका है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन इस घटना की गहराई से जांच और दोषियों को सख्त सजा मिलना बेहद जरूरी है।








