लखनऊ: देश में पहली बार अंडों पर एक्सपायरी डेट (Expiry Date) लिखना अनिवार्य करने की पहल शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश में इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब बाजार में बिकने वाले अंडों पर यह साफ लिखा होगा कि अंडा कब तक सुरक्षित है और कब तक उसका सेवन किया जा सकता है।
यह कदम खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि लोग खराब या लंबे समय से स्टोर किए गए अंडों का सेवन न करें।
क्या है नया नियम?
नई व्यवस्था के तहत अब अंडों पर इन जानकारियों का उल्लेख किया जाएगा:
- अंडे की पैकिंग डेट (Packing Date)
- एक्सपायरी डेट (Expiry Date)
- उत्पादक या फार्म का नाम
- बैच नंबर या पहचान कोड
इससे उपभोक्ताओं को यह पता चल सकेगा कि वे जो अंडा खरीद रहे हैं वह ताजा है या पुराना।
क्यों जरूरी पड़ा यह नियम?
विशेषज्ञों के अनुसार कई बार बाजारों और दुकानों में अंडे लंबे समय तक स्टोर रहते हैं। ऐसे अंडों में:
- बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है
- फूड प्वाइजनिंग का जोखिम रहता है
- पोषण गुणवत्ता भी कम हो जाती है
इसी वजह से अब एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्य करने का फैसला लिया गया।
दुकानदारों और पोल्ट्री फार्म को निर्देश
खाद्य विभाग ने दुकानदारों और पोल्ट्री फार्म संचालकों को निर्देश दिए हैं कि:
- बिना तारीख वाले अंडों की बिक्री नहीं की जाए
- पैकिंग और स्टोरेज का रिकॉर्ड रखा जाए
- उपभोक्ताओं को ताजा अंडे ही उपलब्ध कराए जाएं
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और कार्रवाई भी हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
डॉक्टरों का कहना है कि यदि अंडे की ताजगी की जानकारी स्पष्ट होगी तो:
- उपभोक्ता सुरक्षित भोजन का चयन कर पाएंगे
- फूड प्वाइजनिंग की घटनाएं कम होंगी
- खाद्य सुरक्षा प्रणाली मजबूत होगी
देशभर में लागू होने की तैयारी
उत्तर प्रदेश में शुरुआत के बाद संभावना जताई जा रही है कि आने वाले समय में यह नियम पूरे देश में लागू किया जा सकता है। रकार का मानना है कि जैसे दूध और पैक्ड फूड पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट लिखी जाती है, उसी तरह अंडों पर भी यह जानकारी देना जरूरी है अंडों पर एक्सपायरी डेट लिखने की यह पहल भारत में खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे उपभोक्ताओं को ताजा और सुरक्षित खाद्य पदार्थ मिलेंगे और बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी।








