न्हावा शेवा बंदरगाह | रिपोर्ट: द न्यूज़ फ्रेम ब्यूरो, नई दिल्ली
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने “ऑपरेशन फायर ट्रेल” के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए चीन से तस्करी कर भारत लाए जा रहे अवैध पटाखों के एक विशाल जखीरे का पर्दाफाश किया है।
DRI अधिकारियों ने न्हावा शेवा बंदरगाह पर चीन से आए एक 40 फुट लंबे कंटेनर को पकड़ा, जिसे दस्तावेज़ों में “लेगिंग्स” के रूप में घोषित किया गया था। गहन जांच के दौरान अधिकारियों को कपड़ों की परतों के पीछे 46,640 तस्करी के पटाखे/विस्फोटक छिपे मिले। जब्त माल की कीमत लगभग ₹4.82 करोड़ आंकी गई है।
गुजरात से गिरफ्तारी और गिरोह का खुलासा
तस्करी के इस संगठित नेटवर्क की जांच में DRI को अहम दस्तावेज़ मिले, जिनसे गिरोह की कार्यप्रणाली का खुलासा हुआ। इसके बाद गुजरात के वेरावल से एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
पटाखों का आयात भारत में प्रतिबंधित
विदेश व्यापार नीति के तहत आईटीसी (एचएस) वर्गीकरण में पटाखों का आयात ‘प्रतिबंधित’ श्रेणी में आता है। इसके लिए डीजीएफटी (विदेश व्यापार महानिदेशालय) और पीईएसओ (पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन) से मान्यता प्राप्त लाइसेंस अनिवार्य है।
सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा
DRI ने कहा कि इस तरह के विस्फोटक पदार्थों का अवैध आयात सार्वजनिक और राष्ट्रीय सुरक्षा, बंदरगाहों की संरचना, शिपिंग तथा लॉजिस्टिक श्रृंखला के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करता है।
DRI ने दोहराया कि वह ऐसे संगठित तस्करी नेटवर्कों का पता लगाने और उन्हें समाप्त करने के अपने मिशन पर दृढ़ता से काम कर रहा है, ताकि देश की सुरक्षा और व्यापारिक अखंडता बरकरार रखी जा सके।
स्रोत: PIB दिल्ली | संपादन: द न्यूज़ फ्रेम














