रांची/जमशेदपुर/रामगढ़, 1 अगस्त 2025: झारखंड की अत्यंत पिछड़ी जनजातीय समूह (PVTG) बिरहोर समुदाय से आने वाली होनहार छात्रा रश्मि बिरहोर ने गुरुवार को राजभवन, रांची में भारत की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से सौजन्य मुलाकात की। यह क्षण रश्मि, उनके परिवार और पूरे बिरहोर समुदाय के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और प्रेरणादायक रहा।
‘आकांक्षा परियोजना’ से मिली उड़ान, बिरहोर समाज की पहली स्नातक बनी रश्मि
रश्मि के साथ इस मौके पर टाटा स्टील फाउंडेशन, पश्चिम बोकारो के सहायक प्रबंधक (सामुदायिक विकास) दीपक कुमार श्रीवास्तव भी उपस्थित थे। रश्मि की यह यात्रा टाटा स्टील फाउंडेशन की ‘आकांक्षा परियोजना’ का प्रतिफल है, जो PVTG समुदाय के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर प्रदान कर उन्हें नई दिशा दे रही है।
राष्ट्रपति से बातचीत, संथाली भाषा में आत्मीय संवाद
रश्मि ने बताया कि महामहिम राष्ट्रपति ने व्यस्त कार्यक्रम के बीच समय निकालकर उनसे और उनके मातापिता से मुलाकात की। बातचीत संथाली भाषा में हुई, जिससे रश्मि को आत्मीयता और अपनापन का अनुभव हुआ। उन्होंने टाटा स्टील फाउंडेशन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि शिक्षा के कारण आज न सिर्फ उनका जीवन बदला है, बल्कि उनके परिवार और समुदाय में भी नई उम्मीद जगी है। रश्मि ने यह भी कहा कि वह चाहती हैं कि उनकी सफलता की कहानी बिरहोर समाज के अन्य बच्चों को भी प्रेरित करे।

टाटा स्टील का संदेश: शिक्षा से सामाजिक परिवर्तन
टाटा स्टील पश्चिम बोकारो डिवीजन के महाप्रबंधक अनुराग दीक्षित ने कहा,
“यह न केवल टाटा स्टील बल्कि पूरे PVTG समुदाय के लिए गर्व की बात है कि रश्मि बिरहोर जैसी छात्रा से राष्ट्रपति ने मुलाकात की। रश्मि रामगढ़ जिले की बिरहोर समुदाय से पहली स्नातक हैं। यह मुलाकात अन्य बच्चों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए प्रेरित करेगी।”
उन्होंने बताया कि आकांक्षा परियोजना के माध्यम से टाटा स्टील का उद्देश्य शिक्षा की बाधाओं को दूर कर पीवीटीजी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
प्रेरणा बनी एक मुलाकात, बदली जीवन की दिशा
रश्मि ने 2016 में जब तत्कालीन झारखंड राज्यपाल श्रीमती मुर्मू को रामगढ़ जिले के बसंतपुर पंचायत स्थित बिरहोर टोला में आते देखा था, तभी उनके भीतर कुछ करने की प्रेरणा जागी थी। इसके बाद 2017 में वह ‘आकांक्षा परियोजना’ से जुड़ीं और सेंट रॉबर्ट्स गर्ल्स स्कूल, हजारीबाग से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। फिर जीएम इवनिंग कॉलेज, हजारीबाग से स्नातक की पढ़ाई पूरी कर, रामगढ़ जिले की बिरहोर समुदाय की पहली मैट्रिक और ग्रेजुएट छात्रा बनीं।
रश्मि का परिवार और सामाजिक संदेश
रश्मि के पिता सुधांशु बिरहोर, माता सावा देवी और भाई मनीष कुमार (कक्षा 2 के छात्र) हैं। यह परिवार आज गर्व से समाज के लिए एक उदाहरण बन गया है। रश्मि की कहानी झारखंड के सैकड़ों आदिवासी बच्चों को यह संदेश देती है कि शिक्षा ही विकास और आत्मनिर्भरता की कुंजी है।
आकांक्षा परियोजना के बारे में:
टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘आकांक्षा परियोजना’ PVTG समुदाय के छात्रों को आवासीय व गैरआवासीय शिक्षा, आर्थिक सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करती है।
इस पहल के जरिए अब तक 80 से अधिक बिरहोर छात्रों को झारखंड के प्रतिष्ठित संस्थानों में शिक्षा का अवसर मिला है। यह परियोजना प्रथम पीढ़ी के शिक्षार्थियों को आगे बढ़ने और सामाजिक बदलाव के वाहक बनने में मदद करती है।
रश्मि की राष्ट्रपति से मुलाकात झारखंड के आदिवासी समाज की बेटियों के लिए एक ऐतिहासिक प्रेरणा बन गई है।








