जमशेदपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), जमशेदपुर के धातुकर्म और सामग्री अभियांत्रिकी विभाग द्वारा बुधवार, 23 जुलाई 2025 को “उद्योगों और उनकी चुनौतियों के विशेष संदर्भ में विनिर्माण एवं प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी में प्रगति” (AMPTIC-2025) विषय पर पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का भव्य शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सम्मानित अतिथियों के स्वागत एवं सम्मान से हुई, जिसके पश्चात पारंपरिक दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना का आयोजन किया गया। AMPTIC-2025 के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार ने उद्घाटन भाषण दिया और मंचासीन अतिथियों का परिचय कराया।
NIT जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधर ने उद्योगों की चुनौतियों से निपटने में शोध और नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने ताम्र युग से लौह युग तक की ऐतिहासिक प्रगति का उल्लेख करते हुए सिंधु सभ्यता और प्राचीन भारत की लौह निर्माण तकनीकों की चर्चा की।
प्रो. सूत्रधर ने बताया कि विभाग ने एक ऐसा प्रोटोटाइप विकसित किया है जिससे भट्टियों की दक्षता में सुधार हो सकता है, और दिल्ली के लौह स्तंभ को उदाहरण बनाकर टिकाऊ तकनीकों की प्रासंगिकता को रेखांकित किया। उन्होंने छात्रों और शोधकर्ताओं से इस कार्यशाला में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से नवाचार को प्रोत्साहित करने और गहन सीखने की अपील की।
मुख्य अतिथि डॉ. के. एल. साहू, एनएमएल जमशेदपुर के मुख्य वैज्ञानिक, ने उन्नत विनिर्माण तकनीकों की आवश्यकता को रेखांकित किया और इंडस्ट्री 5.0 के संदर्भ में अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री 5.0 मानव रचनात्मकता को मशीनों, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और रोबोटिक्स के साथ जोड़ती है, और इस बात पर बल दिया कि अकादमिक शोध को व्यावहारिक औद्योगिक अनुप्रयोगों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर की संयोजिका डॉ. रीना साहू ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। समारोह में डीन, संकाय सदस्य एवं कार्यशाला प्रतिभागियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस सफल उद्घाटन ने आगामी सप्ताह की ज्ञानवर्धक सत्रों और सार्थक चर्चाओं की एक मजबूत आधारशिला रखी।








