आगरा : उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के डौकी क्षेत्र स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पैंतीखेड़ा में प्रसव के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि दवा के नाम पर 1500 रुपये लेने के बावजूद एएनएम ने समय पर इलाज नहीं किया, जिसके कारण नवजात की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने प्रशासन से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
प्रसव पीड़ा में अस्पताल पहुंचे थे परिजन
ग्राम दुर्जीपुरा निवासी मान सिंह ने उपजिलाधिकारी फतेहाबाद को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 14 मार्च की रात करीब 2:30 बजे उनकी पत्नी किरण को प्रसव पीड़ा होने लगी परिजन तुरंत उन्हें पैंतीखेड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां ड्यूटी पर मौजूद एएनएम ने सामान्य प्रसव कराने का भरोसा दिया।
दवा के नाम पर वसूले 1500 रुपये
परिजनों का आरोप है कि एएनएम ने दवा के नाम पर उनसे 1500 रुपये जमा करा लिए, लेकिन इसके बावजूद रात भर प्रसव कराने में टालमटोल करती रही परिवार का कहना है कि यदि समय पर सही इलाज किया जाता, तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
आधा बच्चा बाहर आने के बाद किया रेफर
सुबह करीब 9:30 बजे प्रसव पीड़ा असहनीय हो गई और स्थिति बेहद गंभीर हो गई। आरोप है कि उस समय तक आधा बच्चा बाहर आ चुका था, लेकिन इसके बाद एएनएम ने जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया एएनएम ने परिजनों से तुरंत किसी निजी अस्पताल ले जाने की बात कहकर हाथ खड़े कर दिए।
अस्पताल पहुंचने से पहले नवजात की मौत
परिजन प्रसूता को आनन-फानन में निजी वाहन से अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया परिवार का कहना है कि यदि अस्पताल में समय रहते उचित उपचार मिल जाता, तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।
एसडीएम ने दिए जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम फतेहाबाद स्वाति शर्मा ने सीएचसी अधीक्षक को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी स्वास्थ्य कर्मी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बढ़ते जा रहे हैं स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसव जैसी गंभीर परिस्थितियों में लापरवाही से कई बार मरीजों की जान पर बन आती है आगरा के इस मामले ने स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। अब सभी की नजर प्रशासन की जांच पर टिकी है कि दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।










