Allegation: राजकीय पॉलिटेक्निक खरसावां के परीक्षा नियंत्रक उत्तम कुमार की करामात अटेंडेंस शीट पर छात्र-छात्राओं के हस्ताक्षर करवा कर प्रभारी प्राचार्य डॉ उमेश कुमार पर लगाए आरोप।
बता दें की, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, रांची के प्रधान सचिव को डॉ उमेश कुमार प्रभारी प्राचार्य द्वारा संस्थान के सभी छात्र-छात्राओं को प्रताड़ित करने के संबंध में एक पत्र भेजा गया था।
जिसमें यह आरोप लगाया गया था की
- राजकीय पॉलिटेक्निक खरसावां के छात्र-छात्राएं प्राचार्य महोदय के तानाशाही से काफी परेशान है। प्राचार्य महोदय सभी छात्र-छात्राओं से धमकी रूपी बात करते हैं।
- सभी छात्रों को छात्रावास खराब होने के नाम पर छात्रावास से बाहर निकाल चुके हैं। जबकि छात्रावास में रहने लायक है। सभी गरीब छात्र हैं संस्थान के आस-पास रूम लेकर रहने पर काफी पैसे खर्च होते हैं जो कि गरीब छात्र इतना पैसे देने में सक्षम नहीं है।
- प्राचार्य महोदय खुद सरकारी आवास में रहते हैं। सभी का आंतरिक परीक्षा में प्रयोग होने वाला पेज संस्थान से ना देके, सभी से हर विषय के लिए कॉपी खरीदवाते हैं और सेमेस्टर एग्जाम का परिणाम संस्थान में आने के बाद भी ना ही बताते हैं और ना ही परिणाम को विद्यार्थियों के बीच दिखाते हैं।
- कंप्यूटर इंजीनियरिंग (Computer Engineering) के लिए संस्थान में शिक्षक / शिक्षिका भी नहीं है। प्राचार्य महोदय से शिक्षक के बारे में बात करने से महंगे महंगे Online Cource खरीदने के लिए कहते हैं। उनका कहना है कि ऑनलाइन कोर्स लेकर संस्थान में आकर पढ़े। किसी भी परेशानी को लेकर छात्र-छात्राएं उनसे बात करने जाते हैं तो वह क्रूरता पूर्वक पेश आते हैं।
लगे इन आरोपों को प्राचार्य डॉ उमेश कुमार ने बेबुनियाद बताया। साथ ही लगे सभी आरोपों का जवाब भी सटीकता से प्रेस को साझा किया।
जानकारी के अनुसार राजकीय पॉलिटेक्निक खरसावां के परीक्षा नियंत्रक उत्तम कुमार इस सम्बन्ध में खासा रूचि रखते हुए अटेंडेंस शीट पर ही छात्र-छात्राओं के हस्ताक्षर करवा कर प्रभारी प्राचार्य डॉ उमेश कुमार पर आरोप लगवाये हैं।
क्या यह डॉ उमेश कुमार के खिलाफ परीक्षा नियंत्रक उत्तम कुमार की कोई साजिश है? या डॉ उमेश कुमार के खिलाफ बच्चों को उकसा कर कोई राजनीतिक षडयंत्र रचने की ताक में हैं। यह जाँच का विषय है।











