पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया जिले में मंगलवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक चला रहे एक मिस्त्री की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हादसे के बाद इलाके में शोक और मातम का माहौल है।
बायसी थाना क्षेत्र के बांसबाड़ी के पास हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा बायसी थाना क्षेत्र के बांसबाड़ी के समीप हुआ। मृतक की पहचान माजिद आलम (40 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से अररिया जिले का रहने वाला था, लेकिन पिछले दो वर्षों से अपने ससुराल सीसाबाड़ी गांव में रहकर बाइक गैराज चलाता था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाम के समय माजिद आलम अपनी दुकान के लिए सामान खरीदने पूर्णिया शहर आए थे। देर शाम जब वह सामान लेकर बाइक से वापस अपने गांव लौट रहे थे, तभी बांसबाड़ी के पास एक अनियंत्रित तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी तेज कि मौके पर मची अफरा-तफरी
हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे।
स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल माजिद आलम को तुरंत अनुमंडलीय अस्पताल बायसी पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने ट्रक जब्त कर चालक को हिरासत में लिया
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी।
- दुर्घटना में शामिल ट्रक को जब्त कर लिया गया है
- ट्रक चालक को हिरासत में लिया गया है
- शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
दो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
माजिद आलम की मौत से दो परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है परिजनों के अनुसार माजिद ने दो शादियां की थीं।
- पहली पत्नी और पांच बच्चे (2 बेटे, 3 बेटियां) अररिया में रहते हैं
- दो साल पहले उन्होंने रौटा की एक महिला से प्रेम विवाह किया था
- इसके बाद से वह ससुराल सीसाबाड़ी में रहकर अपना गैराज चला रहे थे
माजिद ही दोनों परिवारों की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनकी मौत के बाद बच्चों के भविष्य को लेकर परिवार बेहद चिंतित है।
विश्लेषण: सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग की गंभीर समस्या को उजागर करता है। बिहार में लगातार बढ़ते सड़क हादसे इस बात का संकेत हैं कि:
- हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर ट्रैफिक नियंत्रण मजबूत करने की जरूरत है
- भारी वाहनों की रफ्तार पर निगरानी बढ़ानी होगी
- हेलमेट और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है
- पूर्णिया का यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक ऐसे कमाऊ व्यक्ति की मौत है जिससे दो परिवारों का सहारा छिन गया। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और सड़क सुरक्षा के उपायों को और सख्ती से लागू किया जाए।






