जमशेदपुर: लगातार हो रही भारी बारिश ने शहर के कई निचले इलाकों को जलमग्न कर दिया है। संकट की इस घड़ी में ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट और आज़ादनगर थाना प्रभारी चंदन कुमार ने मिलकर जो कार्य किया, वह न केवल सराहनीय है बल्कि एक संदेश है कि जब प्रशासन और समाज साथ खड़े होते हैं, तब हर आपदा भी अवसर बन जाती है।
“बाढ़ की विभीषिका के बीच इंसानियत की मिसाल बनी साझी कोशिश – ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट और पुलिस”
देर रात दौरा, हाथों में राहत का सामान
ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट के ट्रस्टी सैयद आसिफ महमूद के नेतृत्व में देर रात बाढ़ से प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया गया। लोगों को राहत देने के लिए ट्रस्ट ने ब्रेड, केला, बिस्कुट, पीने का पानी आदि वितरित किया। थाना प्रभारी चंदन कुमार ने स्वयं लोगों से अपील की कि वे जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
प्रभावित इलाके:
येशु भवन, खुशबू नगर, अलीबाग, करीम सिटी कॉलेज रोड, चाणक्यपुरी, कुंवर बस्ती
इन इलाकों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने अलर्ट मोड में राहत व्यवस्था शुरू की है।

नगर निगम की ओर से गर्म खिचड़ी और चूड़ा का वितरण
नगर निगम के सिटी मैनेजर निशांत कुमार, निर्मल कुमार, अरविंद कुमार, कुमार अग्रवाल, और अन्य अधिकारियों ने लोगों के बीच खिचड़ी, चूड़ा और पीने का साफ पानी वितरित किया। सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लेने वालों के लिए भोजन और जल की समुचित व्यवस्था की गई है।
करीम कॉलेज बना राहत कैंप, खुला मानवता का द्वार
करीम सिटी कॉलेज परिसर को राहत शिविर में बदला गया है, जहाँ ट्रस्ट द्वारा लगातार भोजन और पानी की सेवा की जा रही है। ट्रस्ट के सचिव मुख्तार आलम खान ने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से हर आवश्यक सहायता दी जा रही है।
जब समाज एक हुआ…
इस आपदा राहत मिशन में ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष मतीनुल हक अंसारी, ब्रांड एंबेसडर मुख्तार आलम खान, मो. मोइनुद्दीन अंसारी, शाहिद परवेज, मो. फिरोज आलम, आले अली, जीतू कुमार, आफताब आलम, मास्टर सिराजुल हक जैसे कार्यकर्ता आगे आए और अपने हाथों से राहत सामग्री बांटी। यह दृश्य किसी त्योहार से कम नहीं लगा—जहाँ राहत की हर थैली में इंसानियत और उम्मीद भरी थी।
विशेष संदेश
“आपदा की घड़ी में एकदूसरे का हाथ थामना ही असली धर्म है। प्रशासनिक सहयोग और सामाजिक भागीदारी का यह उदाहरण हर शहर के लिए प्रेरणा है।”
यदि आप सुरक्षित स्थान पर हैं और मदद कर सकते हैं, तो करीम कॉलेज में बनाए गए राहत शिविर में स्वेच्छा से सहयोग दें। भोजन, पानी या राहत सामग्री की कोई भी मदद किसी ज़रूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान ला सकती है।
यह राहत अभियान केवल एक वितरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवता की सबसे सुंदर तस्वीर है—जहाँ धर्म, जाति, वर्ग से ऊपर उठकर सिर्फ इंसानियत बोल रही है।
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रिपोर्ट: The News Frame | सोशल मिशन स्पेशल








