
नई दिल्ली, 7 जून 2026। राजधानी Delhi में अवैध निर्माणों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। दिल्ली सरकार और नगर निगम (एमसीडी) ने हौज रानी अग्निकांड के बाद शुरू किए गए विशेष अभियान के तहत केवल छह दिनों में 94 अवैध इमारतों को ध्वस्त कर दिया है, जबकि 114 संपत्तियों को सील किया गया है। सरकार का कहना है कि यह अभियान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अवैध निर्माणों पर पूरी तरह रोक लगाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि दिल्ली में अवैध निर्माणों के लिए किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि नागरिकों की जान और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
व्यापक स्तर पर चलाया गया अभियान
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से शुरू हुए इस विशेष अभियान के दौरान 124 संदिग्ध और अवैध संपत्तियों की पहचान की गई। जांच के बाद इनमें से 94 इमारतों को अवैध पाया गया, जिन्हें ध्वस्त कर दिया गया। इसके अलावा 114 ऐसी संपत्तियों को सील किया गया जो सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रही थीं या जिनकी संरचनात्मक स्थिति खतरनाक मानी गई।
अभियान की निगरानी के लिए 13 जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) स्तर की विशेष समितियों का गठन किया गया है। ये समितियां लगातार विभिन्न इलाकों का निरीक्षण कर रही हैं और अवैध निर्माणों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कर रही हैं।
हौज रानी अग्निकांड बना कार्रवाई का कारण
हाल ही में हौज रानी क्षेत्र में हुई भीषण आग की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई थी और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि क्षेत्र में कई इमारतें सुरक्षा मानकों के विपरीत बनाई गई थीं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया था।
इस घटना के बाद दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माणों को सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानते हुए विशेष अभियान शुरू किया। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे निर्माण न केवल आग जैसी घटनाओं का जोखिम बढ़ाते हैं बल्कि भूकंप और अन्य आपदाओं के समय भी बड़ा खतरा बन सकते हैं।
एमसीडी और अन्य एजेंसियों की सक्रिय भूमिका
एमसीडी ने भी अभियान के दौरान सख्त कदम उठाए हैं। निगम द्वारा 84 संपत्तियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा 33 अन्य अवैध निर्माणों को गिराने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने कहा कि यदि संबंधित लोग स्वयं निर्माण नहीं हटाते हैं तो प्रशासनिक कार्रवाई के तहत उन्हें ध्वस्त किया जाएगा।
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और अन्य संबंधित एजेंसियों को भी अभियान में शामिल किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि अवैध निर्माणों में शामिल दोषी आर्किटेक्ट्स, बिल्डर्स और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।
जनता का मिला समर्थन
दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने सरकार की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। नागरिकों का कहना है कि अवैध निर्माणों के कारण शहर में लगातार हादसों का खतरा बना रहता है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते ऐसे निर्माणों पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में और बड़े हादसे हो सकते हैं।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
दिल्ली सरकार ने साफ किया है कि यह अभियान केवल शुरुआती चरण है। आने वाले दिनों में और अधिक क्षेत्रों की जांच की जाएगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार का उद्देश्य राजधानी को सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमानुसार विकसित शहर बनाना है।
अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माणों के खिलाफ यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक शहर में ऐसे निर्माण पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो जाते। सरकार ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध या अवैध निर्माण की जानकारी प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।














