
चाईबासा: कांग्रेस भवन में शुक्रवार को स्वर्गीय Sitaram रुंगटा की पुण्यतिथि भावपूर्ण तरीके से मनाई गई। कांग्रेसियों ने उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर दो मिनट मौन रखा।

उदार समाजसेवी के रूप में प्रसिद्ध रुंगटा जी के कार्य आज भी प्रेरणा देते हैं। चलिए, उनकी जिंदगी और योगदान को करीब से जानें।
चाईबासा कांग्रेस भवन श्रद्धांजलि सभा
कांग्रेस भवन, चाईबासा में आयोजित कार्यक्रम में जिला कांग्रेसियों ने एकजुट होकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने उनके कल्याणकारी कार्यों पर प्रकाश डाला।
त्रिशानु राय ने कहा कि Sitaram रुंगटा एक उदार समाजसेवी थे। सामाजिक उत्थान के हर कार्य में उनका पूर्ण सहयोग रहता था। कांग्रेस और शिक्षा क्षेत्र में उनका अमूल्य योगदान रहा।
कार्यक्रम में प्रदेश सचिव अशरफुल होदा, राजेंद्र कच्छप, बाबू अहमद, अजय कुमार, बिक्रम बिरुली, विजय सिंह तुबिद जैसे कई नेता मौजूद रहे।
Sitaram रुंगटा का जीवन परिचय
Sitaram रुंगटा का जन्म दिसंबर 1920 में हुआ। उनके पिता मांगा लाल रुंगटा भी प्रमुख उद्योगपति थे। 17 अप्रैल 1994 को उनका निधन हो गया।
वे बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उद्योगपति होने के साथ-साथ राजनीति और समाजसेवा में सक्रिय रहे। चाईबासा नगरपालिका के उपाध्यक्ष (1946-1950) और चेयरमैन (1951-1989) रहे।
उनके नेतृत्व में नगरपालिका का व्यापक विकास हुआ। 38 वर्षों तक चेयरमैन रहकर शहर को नई ऊंचाइयां दीं।
राजनीतिक यात्रा
पश्चिमी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी के पूर्व कोषाध्यक्ष। पूर्वी सिंहभूम जिले में नागरिक सुविधाओं के लिए निरंतर प्रयास।
कांग्रेस भवन चाईबासा का निर्माण उनकी देन। उद्घाटन बिहार के तत्कालीन सीएम कृष्ण बल्लभ सहाय ने किया।
शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में योगदान
शिक्षा के क्षेत्र में उनका सबसे बड़ा योगदान। चाईबासा के प्रमुख संस्थान टाटा कॉलेज और महिला कॉलेज के निर्माण में मुख्य भूमिका।
शहर के अग्रणी शिक्षण संस्थानों के विकास में उनकी मेहनत आज फलित हो रही। सामाजिक उत्थान के लिए हर वर्ग के कार्यों में सहयोग।
उनके कार्यों से सभी वर्गों के हृदय में स्थान बना। रेड क्रॉस सोसाइटी के उपाध्यक्ष और जिला नेशनल रक्षा कमेटी में सक्रिय।
उद्योग और संगठन
इस्टर्न जोन माइनिंग एसोसिएशन के प्रेसिडेंट। बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स, फेडरेशन ऑफ इंडियन मिनरल्स इंडस्ट्रीज के सदस्य।
छोटानागपुर प्लानिंग एंड डेवलपमेंट बोर्ड और ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के सदस्य। ओडिशा और बिहार सरकारों को योगदान।
चाईबासा विकास में मील का पत्थर
Sitaram रुंगटा के कार्यकाल में चाईबासा नगरपालिका ने उल्लेखनीय प्रगति की। सड़कें, जल निकासी, सार्वजनिक सुविधाएं बेहतर हुईं।
मारवाड़ी समाज के प्रति समर्पण। सामाजिक संगठनों से जुड़कर प्रगति में योगदान। आज भी उनकी पुण्यतिथि पर स्मृति सभा आयोजित होती है।
पिछले वर्षों में भी जयंती और पुण्यतिथि पर याद किया गया। 30वीं पुण्यतिथि पर विशेष कार्यक्रम हुए।
विरासत जो अमर रहेगी
स्व० Sitaram रुंगटा के कार्य आज भी चाईबासा की पहचान। युवा पीढ़ी को उनके त्याग से प्रेरणा लेनी चाहिए। कांग्रेस भवन जैसे भवन उनकी देन।
उनकी सादगी और सेवा भावना अनुकरणीय। सभी वर्गों से सम्मान पाया।
पुण्यतिथि पर याद किए गए स्व० Sitaram रुंगटा के कार्य अमर। चाईबासा कांग्रेस भवन में श्रद्धांजलि ने उनके योगदान को ताजा किया।
उनकी सेवा भावना आज की पीढ़ी के लिए आदर्श। सामाजिक उत्थान में उनका स्थान सर्वोच्च। चाईबासा हमेशा ऋणी रहेगा।
कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने स्व०Sitaram रुंगटा के कल्याकारी कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि वे एक उदार समाजसेवी के रूप में चर्चित रहे । सामाजिक उत्थान हेतु हर प्रकार के कार्यों में उनका पूर्ण सहयोग रहा । कांग्रेस तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा
त्रिशानु राय ने कहा कि कांग्रेस भवन , चाईबासा तथा शहर के अग्रणी शिक्षण संस्थान आदि के निर्माण में उनका सबसे बड़ा योगदान रहा । उनके कार्यों के कारण सभी वर्गों के लोगों के हृदय में उनका स्थान सदा बना रहेगा।
मौके पर कांग्रेस प्रदेश सचिव अशरफुल होदा , राजेन्द्र कच्छप , बाबू अहमद , अजय कुमार , बिक्रम बिरुली , विजय सिंह तुबिद , प्रताप पुरती, सोमा तुबिद , जय किशन सालबुनियां , मो.अफरीदी , सनातन सावैयां , संजय साव , तुराम अंगरिया , सुशील दास , मो.अरसलाम , विनोद खंडाईत आदि मौजूद थे।












