
जमशेदपुर टाटानगर: जमशेदपुर पश्चिम की विधायक सरयू राय ने यात्री Trains की लेटलतीफी के विरोध में 7 अप्रैल को नागरिक धरना शुरूकी लगातार बढ़ती लेटलतीफी के खिलाफ आगामी 7 अप्रैल को टाटानगर जंक्शन पर एक दिवसीय नागरिक धरना की अपील सभी जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, छात्र-युवा-महिला संगठनों, व्यावसायिक संगठनों, और मजदूर संगठनों से की है। इस धरना का मुख्य उद्देश्य Trains की विलंबता को रेल मंत्री तक पहुंचाने और इस समस्या का तुरंत समाधान करना है।

नागरिक धरना का महत्व
नागरिक धरना अपराह्न 10 बजे से टाटानगर जंक्शन पर शुरू होगी और सभी श्रेणियों के नागरिकों को शामिल होने की अपील की गई है। विधायक सरयू राय ने बताया कि विगत दो-ढाई वर्षों से टाटानगर जंक्शन पर यात्री ट्रेनें लगातार विलंब से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यात्री Trains चांडिल, कांड्रा और राखा मांइस स्टेशन तक समय पर पहुंच जाती हैं, लेकिन उसके बाद टाटानगर जंक्शन तक पहुंचने में चार से छह घंटे का समय लग जाता है।
Trains धरना का उद्देश्य
- रेलवे की लापरवाही और लचर व्यवस्था के विरोध में जोरदार आवाज़ उठाना।
- रेल मंत्री तक यात्रियों की चिंताओं को पहुंचाना और तुरंत समाधान की मांग करना।
- सभी संगठनों को एकजुट करना ताकि रेलवे अधिकारियों को इस मुद्दे पर ध्यान देने पर मजबूर किया जा सके।

यात्रियों की परेशानी
Trains की लेटलतीफी से यात्रियों को आर्थिक और मानसिक दोनों प्रकार की पीड़ा हो रही है। रेलवे लाइन पर विकास कार्य और मालगाड़ियों को प्राथमिकता देने के कारण यात्री ट्रेनों को आउटर सिग्नल पर घंटों तक रोका जा रहा है। परिणामस्वरूप अहमदाबाद, आसनसोल, उदयपुर-शालीमार एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें चक्रधरपुर से टाटानगर तक की छोटी दूरी तय करने में 4–6 घंटे या इससे अधिक समय ले रही हैं।
धरना में शामिल होने की अपील
सरयू राय ने जनता से अपील की है कि वे इस धरना के माध्यम से अपने अधिकारों की रक्षा करें और रेलवे अधिकारियों को इस मुद्दे पर ध्यान देने पर मजबूर करें। 7 अप्रैल को टाटानगर जंक्शन पर यह धरना नागरिक समर्थन के साथ एक विशाल जनआंदोलन का रूप लेगा।
यहां जारी एक विज्ञप्ति में श्री राय ने कहा कि विगत दो-ढाई वर्षों से टाटानगर पहुँचने वाली यात्री Trains काफी विलंब से चल रही हैं। इससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यात्री Trains चांडिल, कांड्रा और राखा मांइस स्टेशन तक समय से पहुंच जाती हैं लेकिन उसके बाद उन्हें टाटानगर रेलवे जंक्शन तक पहुंचने में चार से छह घंटे का समय लग जाता है। यात्रियों की परेशानी से रेल मंत्री को अवगत कराने तथा इस समस्या का शीघ्र समाधान करने के उद्देश्य से नागरिक धरना का आयोजन किया जा रहा है।
झारखंड की राजनीति में अपनी साफ छवि और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए पहचाने जाने वाले सरयू राय की यह पहल आम जनता के अधिकारों की लड़ाई का एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने जिस तरह से लोगों से इस धरना में शामिल होने की अपील की है, वह यह दर्शाता है कि यह आंदोलन केवल एक व्यक्ति या संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों की आवाज बनता जा रहा है।











