आदित्यपुर | सरायकेला-खरसावां
झारखंड के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक नई शुरुआत करते हुए नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, आदित्यपुर में MBBS पाठ्यक्रम के प्रथम बैच का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री झारखंड, मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खुलने से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। इससे न सिर्फ मेडिकल छात्रों को बेहतर अवसर मिलेंगे, बल्कि आम लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का सीधा लाभ मिलेगा।
छोटे जिले में मेडिकल कॉलेज खुलना सराहनीय कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरायकेला-खरसावां जैसे छोटे जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना एक सराहनीय पहल है। इससे क्षेत्र में शिक्षा का बेहतर वातावरण बनेगा और स्थानीय युवाओं को मेडिकल शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान राज्य की समग्र विकास यात्रा को गति देते हैं।

“आपसे समाज को बड़ी उम्मीदें होंगी” – मुख्यमंत्री
एमबीबीएस पाठ्यक्रम के प्रथम बैच में नामांकित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर साल यहां नया बैच आएगा और पांच वर्षों में यह मेडिकल कॉलेज पूरी तरह स्थापित स्वरूप में आ जाएगा।
उन्होंने छात्रों से कहा—
“जब आप यहां से पढ़ाई पूरी कर समाज में जाएंगे, तो आपसे बड़ी उम्मीदें होंगी। मुझे पूरा भरोसा है कि आप एक बेहतर चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करेंगे।”
राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। सरकार एक ऐसा हेल्थ इको सिस्टम विकसित कर रही है, जहां बेहतर शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों।

अगले 5 वर्षों में 25 से 30 मेडिकल कॉलेज का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार अगले पांच वर्षों में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 25 से 30 तक बढ़ाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन चुनौतियों के बीच काम करने में ही असली आनंद है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डॉक्टरों का आना-जाना स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन राज्य में अधिक से अधिक बेहतर मेडिकल कॉलेज, अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर और कुशल चिकित्सक आएं, इसके लिए सरकार स्वास्थ्य संरचना को पूरी क्षमता से सुदृढ़ कर रही है।
इस अवसर पर इरफान अंसारी, जोबा मांझी, विधायक दशरथ गागराई, सविता महतो, समीर मोहंती, मंगल कालिंदी, सोमेश चंद्र सोरेन, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह तथा नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अध्यक्ष मदन मोहन सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस पाठ्यक्रम की शुरुआत झारखंड के लिए चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इससे न केवल डॉक्टरों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी, बल्कि राज्य के लोगों को बेहतर और सुलभ इलाज भी मिल सकेगा।













