जमशेदपुर। कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जमशेदपुर के बैनर तले रविवार को राम मंदिर सभागार, टेल्को में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वीर शहीदों को नमन करते हुए कारगिल युद्ध में शामिल 30 वीर सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारजनों को सम्मानित किया गया।
राम मंदिर सभागार टेल्को में गूंजे जयघोष, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को किया गया नमन
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन मुंडा, टाटा मोटर्स के जीएम जीवराज संधू, भाजपा प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह कोशिका, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधांशु ओझा तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों ने संयुक्त रूप से संपन्न किया। इसके पश्चात सभी ने मां भारती और शहीदों के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर राम मंदिर सभागार देशभक्ति नारों और वीर रस की कविताओं से गूंज उठा। “भारत के कोने-कोने से आ रही आवाज है, कारगिल के जवानों, तुम पर भारत को नाज़ है” जैसे नारों ने माहौल को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई, जिसके बाद बच्चों और युवाओं ने देशभक्ति गीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुति दी। वीर रस से सराबोर कविताएं और कारगिल युद्ध नायक हवलदार मानिक वर्धा द्वारा युद्ध के अनुभवों की जीवंत प्रस्तुति ने सबको भावुक कर दिया।
मुख्य वक्ताओं के विचार:
श्री अर्जुन मुंडा (केंद्रीय मंत्री)
“कारगिल का युद्ध भारत के सैनिकों की वीरता, समर्पण और राष्ट्रप्रेम का ऐसा उदाहरण है जिसे शब्दों में बांधना संभव नहीं। उन ऊंची बर्फीली चोटियों पर लड़ते हुए हमारे जवानों ने दुर्गम परिस्थितियों में भी दुश्मन को खदेड़ा और भारत का स्वाभिमान अक्षुण्ण रखा। यह युद्ध नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।”
अमरप्रीत सिंह कोशिका (भाजपा प्रवक्ता)
“पाकिस्तान द्वारा कारगिल की चोटियों पर घुसपैठ के बाद जो संघर्ष हुआ, वह हमारी सेना की रणनीतिक कुशलता और अदम्य साहस का प्रतीक है। हमारे वीरों ने असंभव को संभव कर दिखाया और राष्ट्र को गौरवान्वित किया।”
जीवराज संधू (जीएम, टाटा मोटर्स)
“दुनिया ने देखा कि भारतीय सैनिकों ने किस प्रकार साहस, अनुशासन और पराक्रम से कारगिल की चोटियों को फिर से भारत माता की गोद में पहुंचा दिया। हम उन सैनिकों की शहादत को नमन करते हैं।”
विनय कुमार यादव (अध्यक्ष, पूर्व सैनिक सेवा परिषद)
“पाकिस्तान को यह युद्ध सिखा गया कि नापाक इरादों का अंजाम कभी पाक नहीं होता। हमारे सैनिकों की वीरता और बलिदान को हर नागरिक को जानना और सम्मान देना चाहिए।”
जितेंद्र कुमार सिंह (महामंत्री, परिषद)
“सेना केवल युद्ध नहीं लड़ती, वह नागरिकों के लिए अनुशासन, देशभक्ति और त्याग का आदर्श प्रस्तुत करती है। यह कार्यक्रम सैनिकों के सम्मान में हमारा छोटा-सा प्रयास है।”

सम्मानित अतिथि:
कार्यक्रम में वीर नारी सीमा देवी, दुर्गावती देवी, युद्ध वीर मानिक वर्धा, जसवीर सिंह, रणेश शरण, नवीन कुमार, एवं अन्य पूर्व सैनिकों को शॉल, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
सामाजिक सहभागिता:
कार्यक्रम में राष्ट्रचेतना, अभ्युदय, नरेश मोहन स्मृति संस्थान, क्रीड़ा भारती, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, सैन्य मातृशक्ति, विश्व हिंदू परिषद, जय हिंद क्लब, दुर्गा वाहिनी, सनातन उत्सव समिति, कोशिश, जोड़ी राइडर्स क्लब, वॉयस ऑफ ह्यूमैनिटी समेत कई सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम का संचालन:
के. के. ओझा द्वारा किया गया संचालन प्रभावशाली रहा, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विनय यादव ने किया। पूरे सभागार में “भारत माता की जय” और “वीर शहीद अमर रहें” के नारों से माहौल देशभक्ति से सराबोर रहा।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोग:
राजीव कुमार, सुभाष (क्रीड़ा भारती), हरि सिंह राजपूत (वॉयस ऑफ ह्यूमैनिटी), सुधांशु ओझा, काली जी, चंद्रशेखर सहाय, आशीष हेडिन, कुंदन सिंह, प्रवीण पांडे, दीपक शर्मा, अनुपम सिंह, शैलेंद्र सिंह, मनोज सिंह, संतोष सिंह सहित 425 से अधिक देशभक्तों की उपस्थिति दर्ज हुई।
यह आयोजन केवल पूर्व सैनिकों के लिए नहीं, बल्कि आम नागरिकों के बीच देशप्रेम, शौर्य और बलिदान की भावना को जागृत करने का भी माध्यम बना।







