मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया

73वाँ गणतंत्र दिवस के अवसर पर विधायक सरयू राय ने अपने विधानसभा स्थित कार्यालय में किया झंडोत्तोलन। कहा राजनीतिक अपनी पार्टी के संविधान का पुरी निष्ठा से करें पालन।

Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427
On: January 27, 2022 11:10 AM
Follow Us:
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

B 1
THE NEWS FRAME

राजनीतिक दलों को भी देश के संविधान की भाँति ही अपनी पार्टी के संविधान का पुरी निष्ठा से पालन करना चाहिए।

A 2

– श्री सरयू राय (विधायक पूर्वी जमशेदपुर)


Jamshedpur : बृहस्पतिवार 27 जनवरी, 2022

जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने 73वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर बारिडीह स्थित विधानसभा कार्यालय से झंडोत्तोलन किया। श्री राय के साथ भाजमो जमशेदपुर महानगर के तमाम कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने राष्ट्र ध्वज को सलामी दी और राष्ट्रगान गाया। 

गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर श्री राय ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा की आज  से 72 वर्ष पूर्व गणतंत्र की घोषणा हुई थी और देश का संविधान का निर्माण किया गया था। संविधान सभा के अध्यक्ष डाँ राजेंद्र प्रसाद थे और डाँ बाबा भीम राव अंबेडकर संविधान बनाने की प्रारूप समिति में थे। बाबा साहेब अंबेडकर ने दुनियाभर के संविधानों का भलीभांति अध्ययन करने के उपरांत भारत के संविधान की रचना की थी। संविधान में ऐसी कंडिकाएं शामील की गई जिससे समय समय पर संविधान में आवश्यक संशोधन किए जा सकें।

आजाद भारत के विकास की रूपरेखा संविधान में तय की गई। संविधान लचीला था और जनता के हितों की रक्षा करने वाला था, समाजिक और शैक्षणिक रूप से जो पिछड़े रह गए उन्हें आगे लाने वाला था। हम एक राजनीतिक दल रूप में संगठित होकर कार्य कर रहे हैं। इसका प्रावधान भी संविधान में ही है। संविधान नें ही भारत का चुनाव आयोग बनाया है। कोई भी व्यक्ती यह समुह चाहे तो एक राजनीतिक के रूप में पंजीकृत हो सकता है और एक संगठन का निर्माण कर सकता है। हमें यह देखना है की हमारा देश और समाज किस ओर जा रहा है क्या वह संविधान के अनुरूप है की नहीं है। राजनीतिक दल क्या संविधान के प्रावधानों के अनुरूप कार्य कर रहे हैं।

जब भी चुनाव आता है दल बदल प्रारंभ हो जाता है। चुनाव में टिकट पाने की लालसा में बड़े बड़े दल के नेता एक दल से दुसरे दल में शामिल हो जाते हैं। दुसरे दल से आकर सीधा टिकट के हकदार बना दिए जाते हैं। राजनीतिक  दल में हजारों कार्यकर्ता है, समुह है, उन सभी के सपनों पर पानी फेर दिया जाता है।

श्री राय ने कहा की उन्होंने पूर्व के कार्यकाल में चुनाव के दौरान चुनाव आयोग को एक सुझाव दिया था की एक परिवर्तन करे चुनाव के नियमो में और सरकार संसद में लेजा कर एक कानून बना दे। जो पार्टियाँ है, पंजीकृत हो गई है और अपना संविधान बनाया है। वे संविधान के अनुसार उनके जो सक्रीय सदस्य उनकी सूची हर साल 31 मार्च को चुनाव आयोग को दे दें। 

इस साल कितने सदस्य है, कितने घटे कितने बढ़े एक आंकलन हो जाएगा और जब चुनाव आए तो कम से कम दो वर्ष तक जो सक्रीय सदस्य रहा है उसी में से किसी को टिकट दिया जाना चाहिए तो दल बदल की सारी समस्याएं समाप्त हो जाएंगी। दल चाहे जिसे भी चुनाव का टिकट दे वे दो साल पहले ही उस व्यक्ति को सक्रीय सदस्य बनाएंगे। यह हो जाता है तो पार्टियों में अनुशासन होगा और कार्यकर्ताओं का महत्व भी बढ़ जाएगा। यह भी निश्चित होगा की पार्टी का कोई कार्यकर्ता ही चुनाव लड़ेगा। 

अगर किसी को लगता है की चुनाव के ऐन वक्त पर पार्टी हमें चुनाव लड़ने के लिए टिकट नहीं दे रही है तो आप निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने के लिए स्वतंत्र है। पार्टियाँ भी अपना संविधान भारत के संविधान की भाँति ही पवित्र मानकर चलाए और सक्रीय सदस्य की सूची हर वर्ष चुनाव आयोग को सौंपे। श्री राय ने कहा उनके इस सुझाव को चुनाव आयोग से नहीं माना और विचार लायक नहीं समझा लेकिन हमलोग फीर से इस सुझाव पर काम करेंगे, इस दिशा में एक अभियान का आगाज करेंगे।

पार्टियों को अपने संविधान का पालन करना चाहिए  अगर कोई प्रावधान कठीन लगता है तो उसमें परिवर्तन करना चाहिए लेकिन जिस प्रकार देश  संविधान से चलता है उसी प्रकार राजनीतिक दल भी अपने संविधान के हिसाब से चले तो देश में एक अच्छी और स्वच्छ राजनीत हो सकती है और वैसे लोगों को लेकर हम राजनीति कर सकते हैं जो नीती, सिद्धांत के साथ करने की इच्छुक हों।

झंडोत्तोलन कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजमो केंद्रीय, जिला पदाधिकारी एवं तमाम कार्यकर्ता सहित अन्य उपस्थित थे।

WhatsApp Image 2026 05 11 At 11.09.39 AM
Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

और पढ़ें

Leave a Comment

Link copied